मीराबाई चानू और पहला रजत पदक ..

शनिवार २४ जुलाई का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। टोकियो ओलम्पिक में भारतीय मूल की मीराबाई चानू ने ४९ किलोग्राम भरतवर्ग रजत पदक दिलाया। चानू वेटलिफ्टिंग में ओलम्पिक पदक जितने वाली दूसरी महिला बन गई हैं। मीराबाई चानू रियो ओलंपिक्स में मिली हार से बुरीतरह टूट गई थी मगर ये उनके जूनून और अथक परिश्रम का नतीजा है की आज भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है। मीराबाई चानू ने एक दफा कुछ लाइनें पोस्ट की थीं ( It takes effort, includes injuries, experiences failures....but the path to Success was never easy for anyone!! ) इनका मतलब है - इसमें प्रयास लगता है, चोटें भी लगती हैं और असफलताओं का अनुभव भी शामिल होता है लेकिन सफलता की रह कभी भी किसी के नहीं होती। हम मीराबाई चानू के हौसले को सलाम करते हैं। मीरा बाई चानू का जन्म ८ अगस्त १९९४ को मणिपुर के इम्फाल पूर्व के नोंगपोक काकचिंग में एक हिंदू परिवार में हुआ था। मीराबाई चानू का पूरा नाम सैखोम मीराबाई चानू है। वे भारत की तरफ से भारोत्तोलन के खेलों में हिस्सा लेती हैं। उनके कोच का नाम विजय शर्मा है। वे इन्ही के नेतृत्व में अपने खेल का अभ्यास करती हैं। अगर बात करे मीराबाई चानू के वर्ल्ड रिकॉर्ड की, मीराबाई चानू ने कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने देश को पहला मेडल दिलवाया था। उन्होंने 49 किग्रा का भार उठाकर सिल्वर मेडल पर अपना नाम दर्ज किया। वहीं 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीत देश का नाम रौशन किया था। इतना ही नहीं उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड और 2014 में सिल्वर मेडल हासिल किया था।

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